नवमः पाठः — भूकम्पविभीषिका (शेमुषी भाग-2, कक्षा 10) — अभ्यास प्रश्नोत्तर (संस्कृत व हिन्दी)
पाठ-परिचय (Extra Info)
प्रस्तुत पाठ हमारे वातावरण में सम्भाव्यमान प्रकोपों में से एक — भूकम्प की विभीषिका को द्योतित करता है। इस पाठ में 2001 ई. के गुजरात (कच्छ-भुज) भूकम्प तथा 2005 ई. के कश्मीर-पाकिस्तान भूकम्प का वर्णन है, साथ ही भूकम्प के वैज्ञानिक कारणों और आपदा-प्रबन्धन सम्बन्धी सुझावों की भी चर्चा की गई है।
अभ्यास 1 — एकपदेन उत्तरं लिखत
प्रश्न: कस्य दारुण-विभीषिका गुर्जरक्षेत्रं ध्वंसावशेषेषु परिवर्तितवती?
उत्तर (संस्कृत): भूकम्पस्य दारुण-विभीषिका गुर्जरक्षेत्रं ध्वंसावशेषेषु परिवर्तितवती।
उत्तर (हिन्दी): भूकम्प की भयंकर विभीषिका ने गुजरात क्षेत्र को विनाश के अवशेषों में बदल दिया।
प्रश्न: कीदृशानि भवनानि धराशायीनि जातानि?
उत्तर (संस्कृत): बहुभूमिकानि भवनानि धराशायीनि जातानि।
उत्तर (हिन्दी): बहुमंज़िले भवन धराशायी (ज़मीन पर गिरे) हो गए।
प्रश्न: दुर्वार-जलधाराभिः किम् उपस्थितम्?
उत्तर (संस्कृत): दुर्वार-जलधाराभिः महाप्लावनदृश्यम् उपस्थितम्।
उत्तर (हिन्दी): न रुकने वाली जलधाराओं से विशाल बाढ़ का दृश्य उपस्थित हो गया।
प्रश्न: कस्य उपशमनस्य स्थिरोपायः नास्ति?
उत्तर (संस्कृत): भूकम्पस्य उपशमनस्य स्थिरोपायः नास्ति।
उत्तर (हिन्दी): भूकम्प को शान्त करने का कोई स्थिर उपाय नहीं है।
प्रश्न: कीदृशाः प्राणिनः भूकम्पेन निहन्यन्ते?
उत्तर (संस्कृत): विवशाः प्राणिनः भूकम्पेन निहन्यन्ते।
उत्तर (हिन्दी): असहाय (विवश) प्राणी भूकम्प से मारे जाते हैं।
Want to Score Better in Class 10?
Get expert guidance, structured classes, regular tests and personalised support from Convex Classes.
💬 Talk to a Counsellor Class 10 • Expert Faculty • Regular Tests • Doubt Supportअभ्यास 2 — अधोलिखितानां प्रश्नानाम् उत्तराणि संस्कृतभाषया लिखत
प्रश्न: समस्तराष्ट्रं कीदृशे उल्लासे मग्नम् आसीत्?
उत्तर (संस्कृत): समस्तराष्ट्रं नृत्य-गीतवादित्राणाम् उल्लासे मग्नम् आसीत्।
उत्तर (हिन्दी): पूरा राष्ट्र नृत्य-गीत-वाद्य के उल्लास में डूबा हुआ था।
प्रश्न: भूकम्पस्य केन्द्रबिन्दुः कः जनपदः आसीत्?
उत्तर (संस्कृत): भूकम्पस्य केन्द्रबिन्दुः कच्छजनपदस्य भुजनगरम् आसीत्।
उत्तर (हिन्दी): भूकम्प का केन्द्रबिन्दु कच्छ जनपद का भुज नगर था।
प्रश्न: पृथिव्याः स्खलनात् किं जायते?
उत्तर (संस्कृत): पृथिव्याः स्खलनात् भीषणं संस्खलनं तज्जन्यं कम्पनं च जायते।
उत्तर (हिन्दी): पृथ्वी के भीतर हलचल (स्खलन) से भीषण हलचल (संस्खलन) और उससे उत्पन्न कम्पन होता है।
प्रश्न: समग्रं विश्वं कैः आतङ्कितं दृश्यते?
उत्तर (संस्कृत): समग्रं विश्वं झञ्झावात-भूकम्पन-जलोपप्लव-अतिवृष्टि-अनावृष्टि-शिलास्खलन-भूविदारण-ज्वालामुखस्फोटैः आतङ्कितं दृश्यते।
उत्तर (हिन्दी): सम्पूर्ण विश्व आँधी, भूकम्प, बाढ़, अतिवृष्टि, अनावृष्टि, शिलास्खलन, भूविदारण और ज्वालामुखी विस्फोट जैसी आपदाओं से आतंकित दिखता है।
प्रश्न: केषां विस्फोटैरपि भूकम्पो जायते?
उत्तर (संस्कृत): ज्वालामुखपर्वतानां विस्फोटैरपि भूकम्पो जायते।
उत्तर (हिन्दी): ज्वालामुखी पर्वतों के विस्फोट से भी भूकम्प उत्पन्न होता है।
अभ्यास 3 — स्थूलपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत
| वाक्यम् (स्थूलपद) | निर्मित प्रश्नः |
| भूकम्पविभीषिका विशेषेण कच्छजनपदं ध्वंसावशेषेषु परिवर्तितवती। | भूकम्पविभीषिका विशेषेण कं जनपदं ध्वंसावशेषेषु परिवर्तितवती? |
| वैज्ञानिकाः कथयन्ति यत् पृथिव्याः अन्तर्गर्भे, पाषाणशिलानां संघर्षणेन कम्पनं जायते। | के कथयन्ति यत् पृथिव्याः अन्तर्गर्भे पाषाणशिलानां संघर्षणेन कम्पनं जायते? |
| विवशाः प्राणिनः आकाशे पिपीलिकाः इव निहन्यन्ते। | विवशाः प्राणिनः कुत्र पिपीलिकाः इव निहन्यन्ते? |
| एतादृशी भयावहघटना गढ़वालक्षेत्रे घटिता। | एतादृशी भयावहघटना कुत्र घटिता? |
| तदिदानीं भूकम्पकारणं विचारणीयं तिष्ठति। | तदिदानीं किं विचारणीयं तिष्ठति? |
अभ्यास 4 — ‘भूकम्पविषये’ पञ्चवाक्यमितम् अनुच्छेदं लिखत (नमूना उत्तर)
नमूना अनुच्छेदः (सन्दर्भ हेतु): भूकम्पः एकः प्राकृतिकः प्रकोपः अस्ति। एषः पृथिव्याः अन्तर्गर्भे स्थितानां शिलानां संघर्षणेन जायते। भूकम्पेन बहूनि भवनानि पतन्ति, प्राणिनश्च मृत्युं प्राप्नुवन्ति। अस्मात् आपदः रक्षणाय दृढभवननिर्माणं, सतर्कता च आवश्यकी। अतः अस्माभिः सर्वदा सावधानतया सुरक्षोपायाः ज्ञातव्याः।
हिन्दी अर्थ: भूकम्प एक प्राकृतिक आपदा है। यह पृथ्वी के भीतर स्थित शिलाओं के आपस में टकराने से होता है। भूकम्प से अनेक भवन गिर जाते हैं और प्राणियों की मृत्यु हो जाती है। इस आपदा से बचने के लिए मजबूत भवनों का निर्माण और सतर्कता आवश्यक है। अतः हमें सदैव सावधानीपूर्वक सुरक्षा के उपाय जान लेने चाहिए।
अभ्यास 5 — कोष्ठकेषु दत्तेषु धातुषु निर्देशानुसारं परिवर्तनं विधाय रिक्तस्थानानि पूरयत
| वाक्यम् (निर्देश) | उत्तरम् |
| समग्रं भारतम् उल्लासे मग्नम् ____। (अस् + लट् लकारे) | अस्ति |
| भूकम्पविभीषिका कच्छजनपदं विनष्टं ____। (कृ + क्तवतु + ङीप्) | कृतवती |
| क्षणेनैव प्राणिनः गृहविहीनाः ____। (भू + लङ्, प्रथम-पुरुषः बहुवचनम्) | अभवन् |
| शान्तानि पञ्चतत्त्वानि भूतलस्य योगक्षेमाभ्यां ____। (भू + लट्, प्रथम-पुरुषः बहुवचनम्) | भवन्ति |
| मानवाः ____ यत् बहुभूमिकभवननिर्माणं करणीयम् न वा? (प्रच्छ् + लट्, प्रथम-पुरुषः बहुवचनम्) | पृच्छन्ति |
| नदीवेगेन ग्रामाः तदुदरे ____। (सम् + आ + विश् + विधिलिङ्, प्रथम पुरुषः बहुवचनम्) | समाविशेयुः |
Looking for Class 10 Notes?
Get guidance on important topics, revision material, exam preparation and study resources for your Class 10 journey.
अभ्यास 6 (अ) — परसवर्णसन्धिनियमानुसारं सन्धिं/सन्धिविच्छेदं कुरुत
| पदानि | सन्धि/विच्छेद |
| किञ्च | किम् + च |
| नगरन्तु | नगरम् + तु |
| विपन्नञ्च | विपन्नम् + च |
| किन्नु | किम् + नु |
| भुजनगरन्तु | भुजनगरम् + तु |
| संचयः | सम् + चयः |
अभ्यास 6 (आ) — विसर्गसन्धिनियमानुसारं सन्धिं/सन्धिविच्छेदं कुरुत
| पदानि | सन्धि/विच्छेद |
| शिशवस्तु | शिशवः + तु |
| विस्फोटैरपि | विस्फोटैः + अपि |
| सहस्रशोऽन्ये | सहस्रशः + अन्ये |
| विचित्रोऽयम् | विचित्रः + अयम् |
| भूकम्पो जायते | भूकम्पः + जायते |
| वामनकल्प एव | वामनकल्पः + एव |
अभ्यास 7 (अ) — विलोमपदानां संयोगं कुरुत
| क स्तम्भ | ख स्तम्भ (विलोमपदम्) |
| सम्पन्नम् | विपन्नम् |
| ध्वस्तभवनेषु | नवनिर्मितभवनेषु |
| निस्सरन्तीभिः | प्रविशन्तीभिः |
| निर्माय | विनाश्य |
| क्षणेनैव | सुचिरेणैव |
अभ्यास 7 (आ) — समानार्थकपदानां संयोगं कुरुत
| क स्तम्भ | ख स्तम्भ (समानार्थकपदम्) |
| पर्याकुलम् | व्याकुलम् |
| विशीर्णाः | नष्टाः |
| उद्गिरन्तः | प्रकटयन्तः |
| विदार्य | संत्रोट्य |
| प्रकुपिताम् | क्रोधयुक्ताम् |
अभ्यास 8 (अ) — उदाहरणमनुसृत्य प्रकृति-प्रत्ययोः विभागं कुरुत
| शब्दः | प्रकृति + प्रत्यय |
| परिवर्तितवती (उदाहरण) | परि + वृत् + क्तवतु + ङीप् (स्त्री) |
| धृतवान् | धृ + क्तवतु |
| हसन् | हस् + शतृ |
| विशीर्णा | वि + शॄ + क्त + टाप् (स्त्री) |
| प्रचलन्ती | प्र + चल् + शतृ + ङीप् (स्त्री) |
| हतः | हन् + क्त |
अभ्यास 8 (आ) — पाठात् विचित्य समस्तपदानि लिखत
| विग्रहः | समस्तपदम् |
| महत् च तत् कम्पनम् | महाकम्पनम् |
| दारुणा च सा विभीषिका | दारुणविभीषिका |
| ध्वस्तेषु च तेषु भवनेषु | ध्वस्तभवनेषु |
| प्राक्तने च तस्मिन् युगे | प्राक्तनयुगे |
| महत् च तत् राष्ट्रं तस्मिन् | महाराष्ट्रे |
अतिरिक्त — सम्पूर्ण शब्दार्थाः (Extra: Full Word Meanings)
| शब्दः | अर्थः |
| पर्याकुलम् | चारों ओर से बेचैन — Restless all over |
| विपर्यस्तम् | अस्तव्यस्त — Disturbed |
| विपन्नम् | मुसीबत में — Troubled |
| दारुणविभीषिका | अत्यधिक भय — Horrendous |
| ध्वंसावशेषेषु | विनाश के बाद बची हुई वस्तु — Debris after the destruction |
| मृत्तिकाक्रीडनकमिव | मिट्टी के खिलौने के समान — Like a toy made of mud |
| बहुभूमिकानि भवनानि | बहुमंज़िले मकान — Multi storey buildings |
| उत्खाताः | उखाड़े गये — Demolished |
| विशीर्णाः | बिखर गये — Scattered |
| फालद्वये | दो खण्डों में — In two segments |
| निस्सरन्तीभिः | निकलती हुई — Outcoming |
| दुर्वार | जिनको हटाना कठिन है — Difficult to get rid of |
| महाप्लावनम् | विशाल बाढ़ — Heavy flood |
| क्षुत्क्षामकण्ठः | भूख से दुर्बल कण्ठ वाले — Having dry throats due to hunger |
| कालकवलिताः | मृत्यु को प्राप्त हुए — Dead |
| संस्खलनम् | स्थान से हटना — Distract |
| जनयति | उत्पन्न करती है — Creates |
| भूकम्पविशेषज्ञाः | भूमि कम्पन के रहस्य विशेषज्ञ — Experts in science of earthquake |
| खनिजम् | भूमि को खोदने से प्राप्त वस्तु — Mineral |
| क्वथयति | उबालती है, तपाती है — Decocts |
| विदार्य | फाड़कर — Tearing |
| पार्श्वस्थ-ग्रामाः | समीप के गाँव — Nearby villages |
| उदरे | पेट में — In the stomach |
| समाविशन्ति | समा जाती हैं — Merge |
| उद्गिरन्तः | प्रकट करते हुए — Emerging |
| उपशमनस्य | शान्त करने का — Of pacifying |
| वामनकल्पः | बौना — Dwarf |
| निर्माय | बनाकर — Constructing |
| पुञ्जीकरणीयम् | इकट्ठा करना चाहिए — Should be collected |
| योगक्षेमाभ्याम् | प्राप्ति और रक्षा दोनों के लिए — Procurement and welfare |
अतिरिक्त — योग्यताविस्तार सारांश (Extra Info)
हमारे वातावरण में भौतिक सुख-साधनों के साथ-साथ अनेक आपदाएँ भी लगी रहती हैं। प्राकृतिक आपदाएँ जीवन को अस्त-व्यस्त कर देती हैं। भूकम्प भी ऐसी ही आपदा है। इस पाठ के माध्यम से यह बताया गया है कि किसी भी आपदा में बिना घबराहट के, हिम्मत के साथ हम अपनी सुरक्षा स्वयं कैसे कर सकते हैं।
भूकम्प-परिचय: भूमि के कम्पन को भूकम्प कहते हैं। जिस बिन्दु पर कम्पन की उत्पत्ति होती है, उसे उद्गम केन्द्र कहा जाता है। कम्पन तरंगों के रूप में सभी दिशाओं में फैलता है, जैसे शान्त तालाब में पत्थर फेंकने से तरंगें उत्पन्न होती हैं। सुनामी भी एक प्रकार का भूकम्पन ही है, जिसमें समुद्र के भीतर तीव्र कम्पन उत्पन्न होकर तटीय क्षेत्रों को प्रभावित करता है। क्षिति, जल, पावक, गगन और समीर — इन पंचतत्त्वों में सन्तुलन बनाए रखकर प्राकृतिक आपदाओं से बचा जा सकता है।
Exams Are Coming. Are You Ready?
Revise important concepts, strengthen weak topics and prepare smarter with a focused Class 10 crash course.
भूकम्पविषये प्राचीन उल्लेख (वराहसंहिता से)
क्षितिकम्पमाहुरेके महान्तर्जलनिवासिसत्त्वकृतम्
भूभारखिन्नदिग्गजनिःश्वाससमुद्भवं चान्ये।
अनिलोऽनिलेन निहतः क्षितौ पतन् स्वनं करोत्यन्ये
केचित् त्वदृष्टकारितमिदमन्ये प्राहुराचार्याः॥
हिन्दी अर्थ: कुछ आचार्य कहते हैं कि भूकम्प जल में रहने वाले महान् जीवों के हिलने से होता है, कुछ कहते हैं कि यह पृथ्वी का भार उठाने से थके हुए दिग्गजों (हाथियों) की साँसों से उत्पन्न होता है, कुछ कहते हैं कि वायु से टकराई वायु पृथ्वी पर गिरकर आवाज़ करती है, और कुछ इसे अदृष्ट (भाग्य/कर्म) का परिणाम मानते हैं।
मयूरचित्र से
प्रतीच्यां यदि कम्पेत वारुणे सप्तके गणे,
द्वितीययामे रात्रौ तु तृतीये वारुणं स्मृतम्।
अत्र वृष्टिश्च महती शस्यवृद्धिस्तथैव च,
प्रज्ञा धर्मरताश्चैव भयरोगविवर्जिताः॥
हिन्दी अर्थ: यदि पश्चिम दिशा में वरुण-नक्षत्र समूह में, रात्रि के द्वितीय प्रहर में भूकम्प हो, तो उसे तृतीय (वारुण) भूकम्प कहा जाता है। इससे भारी वर्षा और फसल की वृद्धि होती है, तथा लोग बुद्धिमान, धर्मपरायण एवं भय-रोग से मुक्त रहते हैं।
उल्काभूकम्पदिग्दाहसम्भवः शस्यवृद्धये।
क्षेमारोग्यसुभिक्षार्थं वृष्ट्ये च सुखाय च॥
हिन्दी अर्थ: उल्कापात, भूकम्प और दिशाओं में आग जैसी घटनाएँ कभी-कभी फसल की वृद्धि, कल्याण, आरोग्य, सुभिक्ष (अन्न की प्रचुरता), वर्षा तथा सुख के लिए भी शुभ मानी जाती हैं।
इस प्रकार भूकम्प के समान ही अग्निकम्प, वायुकम्प, अम्बुकम्प (जलकम्प) जैसी अन्य आपदाएँ भी होती हैं — यह प्राचीन ग्रन्थों में वर्णित है।
Notes prepared by Convex Classes, Jaipur | www.convexclasses.in | WhatsApp: 8290601516
Convex Classes Jaipur पर हम लाते हैं सम्पूर्ण NCERT समाधान, व्याकरण विश्लेषण, और उच्च गुणवत्ता वाला शैक्षिक कंटेंट — जिससे आपकी तैयारी हो प्रभावशाली और परिणामदायक।
Class 10 Sanskrit Chapter 8 Question Answer



